Fri29052015

Last updateFri, 29 May 2015 7pm

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मुस्लिम लीग करेगी गांधीगीरी

21मुंबई। मुस्लिम होने की वजह से एक कंपनी द्वारा रोजगार देने से इनकार का विरोध करने के लिए इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने गांधीगीरी करने का निर्णय लिया है। कंपनी के इस मुस्लिम विरोधी कृती के खिलाफ मुस्लिम मालिक अपने कंपनी में गैर मुस्लिम युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएंगे, ऐसी घोषणा मुस्लिम लीग के मुंबई अध्यक्ष परवेज लकडावाला ने की है। कुर्ला के रहवासी जीशान खान को सिर्फ मुस्लिम होने की वजह से हरिकृष्णा एक्सपोर्टस प्राइवेट लिमिटेड ने रोजगार देने से मना कर दिया था, इसके खिलाफ मुस्लिम लीग गांधीगीरी करने जा रही है। एक मुस्लिम युवा को रोजगार न देने के बदले दस गैर मुस्लिम युवाओं को मुसलमान मालिक के कंपनी में रोजगार दिया जाएगा, ऐसी मालुमात लकडावाला ने दी। युवाओं को धर्म के आधार पर रोजगार नकारना बहुत ही गलत बात है। यह अपने देश, देश के संविधान की अखंडता के लिए एक बड़ा खतरा है। हमारे देश में इस तरह की घटनाएं होना दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए घातक है। हरिकृष्णा एक्सपोर्टस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने शिक्षित जीशान खान को सिर्फ धर्म के नाम पर रोजगार देने से इनकार कर दिया। इस मामले को उजागर करने में मीडिया और सामाजिक मीडिया का प्रमुख योगदान हैं। परवेज ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में इस तरह की घटनाएं बंद करने की जरूरत है और सरकार को भी इस पर गंभीर विचार करने की आवश्यकता है।

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अब यूजीसी करेगा छात्रों की समस्याएं हल

a16भोपाल अब छात्र अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय से जुड़ी किसी शिकायत के दूर होने की उम्मीद कर सकते हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी सुविधा प्रदान की है। अब कोई भी छात्र अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय से जुड़ी कोई भी शिकायत सीधे यूजीसी से कर सकता है। यूजीसी उस शिकायत को कार्रवाई के लिए संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय को भेज देगा और 15 दिन में उस शिकायत पर कार्रवाई रिपोर्ट भी तलब करेगा। इस सुविधा को शुरू करने का उद्देश्य शिक्षण संस्थानों की मनमानी पर अंकुश लगाना है। इससे छात्रों को कॉलेजों और शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल सकेगा। इस पोर्टल पर दाखिला प्रक्रिया, आरक्षण नीति, विवरणिका का प्रकाशन, जाति, पंथ तथा वर्ग के आधार पर विद्यार्थियों से भेदभाव, परीक्षाओं का समय पर न होना, समय पर परीक्षा परिणाम प्रकाशित न होना, छात्रवृत्ति का भुगतान न होना और यौन प्रताड़ना जैसी शिकायत दर्ज किए जा सकते हैं। 

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आठ घंटे में भी नहीं लिया जा सका मासूम का डीएनए सैंपल

a14भोपाल प्रुलिस के साथ गांधी मेडिकल कॉलेज में डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल देने पहुंची एक छह माह की बच्ची को पूरे आठ घंटे तक अस्पताल में रुकने के बाद भी सैंपल बिना दिए ही जाना पड़ा । छह माह की इस बच्ची को उसके तथाकथित पिता के डीएनए से मैच करने के लिए ब्लड सैंपल देने के लिए पुलिस यहां लेकर पहुंची। दिन भर के इंतजार के बाद अब पुलिस और अस्पताल प्रबंधन ने बच्ची की मां को सोमवार को फिर ब्लड सैंपल लेकर आने के निर्देश दिए हैं। दूसरी तरफ बच्ची की मां का आरोप है कि पुलिस जानबूझ कर बच्ची का सैंपल लेने में देर कर रही है ताकि डीएनए टेस्ट के लिए भेजे जाने वाले सैंपल में कुछ भी कर के हेरफेर किया जा सके।

यह है पूरा मामला

भोपाल निवासी संगीता (परिवर्तित नाम ) ने आरोपी मनीष जैन के खिलाफ गत नवम्बर में अजाक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। संगीता का कहना है कि मनीष शादी का झांसा देकर पिछले चार साल से उसका शारीरिक शोषण कर रहा है। लेकिन मई 2014 में जब उसे पता चला कि सुनीता उसके बच्चे की मां बनने वाली है तो वह संगीता को गर्भपात के लिए दवाब बनाने लगा ।

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मिलेगा करोड़ों को रोजगार !

a13भोपाल भोपाल के एक वैज्ञानिक श्याम सिंह ठाकुर को ‘गोल्डन बुक आॅफ वर्ल्ड रिकार्ड्स-2015’ में स्थान मिला है। वैज्ञानिक का दावा है कि उनके द्वारा ईजाद किए गए एक गणितीय सिद्धांत से पांच करोड़ युवाओं को रोजगार मिल सकता है। श्याम सिंह ठाकुर ने शून्य से अनंत तक की गणना के सिद्धांत का अविष्कार किया है और इसका मूल कॉपीराइट भी हासिल कर लिया है। इस बारे में उन्होंने प्रपोजल भारत सरकार को भेजा है, जिसमें कहा गया है कि अगर उनके इस सिद्धांत पर काम होता है, तो पांच करोड़ युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। अब ठाकुर को भारत सरकार के रिस्पांस का इंतजार है। इस पूरे मामले और रिसर्च पर अगर गंभीरता से गौर किया जाए तो इसमें खास बात है कि इस बात को लेकर गूगल कंपनी और ठाकुर के बीच चर्चा चल रही है। जल्द ही भारत सरकार की ओर से इस प्रपोजल पर विचार नहीं किया जाता है, तो ठाकुर गूगल से साझा कर सकते हैं। ठाकुर यह प्रपोजल पिछली सरकार के बाद वर्तमान सरकार को भी भेज चुके हैं, लेकिन लंबे समय के बाद भी किसी तरह का रिस्पांस नहीं मिला है।

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फर्जी नियुक्ति मामले में रजिस्ट्रार पर लटकी तलवार

a12भोपाल मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में 5 फैकल्टी की नियुक्ति को रद्द करने का फैसला वापस लेने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में रजिस्ट्रार अजीत नारायण पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। मैनिट में इस मामले को लेकर 27 मई को बीओजी की बैठक आयोजित होनी है। जिसमें इस मामले में रजिस्ट्रार से जुड़े तथ्य सामने रखा जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक इनको रजिस्ट्रार द्वारा संरक्षण प्रदान किया गया था। बीओजी ने 2005 में हुई नियुक्ति में व्यापमं घोटाले में फंसे संजीव सक्सेना की पत्नी, बहन और साली समेत 5 फैकल्टी की नियुक्ति को रद्द करने का फैसला लिया था। इसमें तीन टीचिंग स्टॉफ, एक ट्रेनिंग प्लेसमेंट आॅफिसर और एक लाईब्रेरियन शामिल है।। डायरेक्टर ने आदेश भी जारी कर दिया लेकिन,डायरेक्टर ने इस आदेश को वापस लेते हुए फैकल्टी की वापस बहाली कर दी थी। यह फैसला सदस्यों को बताए बिना ही कर लिया गया।

यह है मामला

चार जांच रिपोर्ट आने के बाद बीओजी ने पिछली बैठक में संजीव सक्सेना की पत्नी अरुणा सक्सेना की नियुक्ति ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट आॅफिसर, बहन अर्चना सक्सेना की असिस्टेंट लाइब्रेरियन और अरुणा सक्सेना की बहन अंशु गुप्ता की असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर नियुक्ति रद्द करने का फैसला किया था।

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